Types of Hair: बालों से संबंधित समस्याओं का आयुर्वेदिक उपचार

balon ke liye ayurvedic upchar

नारी के व्यक्तिव को निखारने में काले, घने, लम्बे और चमकीले बालों का विशेष महत्व है। आकर्षक चेहरे के साथ यदि आपको बाल भी आकर्षक हैं तथा आपकी केश-सज्जा चेहरे के अनुरूप है तो वे आपके व्यक्तित्व को चार चाँद लगा देते है। सुन्दर, स्वस्थ बाल आपके व्यक्तित्व को नया आयाम देते हैं। स्वस्थ बालों के लिए आवश्यक है कि आप उनकी देखभाल उचित ढंग से करें। सिर की त्वचा को जो केश ढके रहते हैं। उनकी जड़ की गहराई में एक सूक्ष्म गोलाकर थैली होती है। जिसे पैपिला कहते हैं।

यही से केशों का पोषण होता है। बालों का बढ़ना चमक दमक और स्वस्थ रहना आपके सामान्य स्वास्थ्य पर आधारित होता है। बालों के असमय सफेद होने अथवा झड़ने का मुख्य कारण शरीर में पोषक तत्वों का अभाव होता है। प्रदूषण, कड़ी धूप तथा अत्यधिक नमी इत्यादि बालों के सौन्दर्य बिगाड़ते हैं। इसी प्रकार मानसिक उद्वेग, चिन्ता, सदमा बीमारी आदि का बालों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता।

बालो के प्रकार
 
केशों की देखभाल बालों के मुख्यतः तीन प्रकार होते है।

1. शुष्क केश
2. चिकनाई युक्त केश
3. औसत गुण केश

1. शुष्क केश : भारत में औसतन जलवायु अत्यन्त शुष्क रहती है। अतः यहाँ के लोगों के बाल भी शुष्क रहते हैं। ऐसे बाल बहुत रूखे, धूल भरे दिखाई देते हैं। इनके नीचे के छोर सूखे और दो मुँहे होते हैं। जिससे बालों का विकास अवरूद्ध हो जाता है और बालों की जड़ों में खुलती होती है। ऐसे बालों को संवारने के लिए आप हल्का गरम नारियल का तेल में। अंगुलियों की पोरों को तेल में डूबोकर, पोरों से सिर में धीरे-धीरे मालिश शुरू कर दें। दो घण्टे तक तेल बालों के प्रकार रहने के बाद शिकाकाई से धो लें। एक कप शिकाकाई को छह कप पानी के अनुपात से उबालकर उसे होने दें।होने शिकाकाई को से मसलकर छाल लें। फिर इस पानी से बालों को धोयें। पाँच मिनट तक इसे बालों में लगा रहने दें तत्पश्चात् साफ पानी से बाल धो डालें।

शुष्क बाल हेतू कुछ घरेलू प्रसाधन :

1. दो अण्डों की जर्दी में एक नींबू का रस मिलायें। सिर धोने से पूर्व सिर की त्वचा पर अच्छी तरह लगायें। आधे घण्टे पश्चात् धो डालें।

2. बालों के अनुसार मुल्तानी मिट्टी को पानी में भिगों दें, उसमें नारियल के तेल की कुछ बूंदे मिलाकर इस लेप को सिर की त्वचा पर मलकर बालों को धो डालें।

3. उपयोग में लाई हुई सूखी पाँच चम्मच चाय की पत्ती को एक लीटर लाइम-वॉटर में मिलाकर आँच पर खौलने दे, ठण्डी होने पर छान लें और शैम्पू द्वारा सिर धोने के बाद बालों पर लगायें। बैक कौम्बिंग द्वारा बाल संवारने वाली महिलाओं के लिएचाय-पत्ती का घोल विशेष लाभप्रद सिद्ध होता है।

विशेष : सिर धोने से पूर्व गुनगुने नारियल के तेल से सिर की मालिश करने से मस्तिष्क के नाड़ी मंडल में रक्त संचारण क्रिया तीव्र होती मालिश करने से पूर्व बालों को कंघी कर लें। सिर धोने के पश्चात् बालों पर बीयर लगाने से आप बालों को मनचाहा आकार दे सकते हैं। इसके प्रयोग से बालों की जड़ें मजबूत होती है।

2. चिकनाई युक्त केश : अधिक चिकने अथवा तैलीय बालों को सही रखने एवं उनके स्वास्थ्य के लिए बालों में आराम से धीरे-धीरे ब्रुश करना चाहिए । जल्दी और तेज ब्रुश करने से चिकनाई पैदा करने वाली ग्रन्थियाँ अधिक सक्रिया हो जाती हैं । ऐसे बालों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए अन्यथा बाल जल्दी झड़ने लगते हैं । अपने बालों के अनुरूप अच्छा हेयर टॉनिक उपयोग करें । हेयर टॉनिक ऐसा होना चाहिए जिससे बालों को शक्ति तो मिले चिकनाई न बढ़े।

परन्तु औसत गुण केश : ऐसे बाल जड़ से चिकने और नीचे से शुष्क होते हैं । शैम्पू करने के पश्चात् बाल सुन्दर लगते हैं। परन्तु कुछ समय पश्चात् नीचे से फिर शुष्क दिखने लगते हैं। शैम्पू बालों में लगाते समय बालों के निचले हिस्से पर शैम्पू कदापि न करें क्योंकि ज्यादा धोने से निचला हिस्सा अधिक शुष्क हो जाता है। सिर की त्वचा की सफाई की ओर हमेशा ध्यान दें।

कंधे का चुनाव : कंषा अथवा हेयर बुश करने से हमारे बाल स्वस्थ रहते हैं। अतः हमारा कर्त्तव्य है कि सिर की त्वचा की सफाई के साथ - साथ कंधे की सफाई के लिए ठीक रहता है। इसके अतिरिक्त गुनगुने पानी में थोड़ा सर्फ डालकर तत्पश्चात् किसी पुराने टूथबुश से कंघा साफ कर लें।

कंषा खरीदते समय विशेष ध्यान रखें कि बुश की तारें आगे से गोल हो। तारें नुकीली होने से सिर की त्वचा में घाव होने की आशंका रहती है। लम्बे बालों के लिए मोटे व खुले हुए दाँतों का कंषा प्रयोग करें। छोटे व घने बालों के लिए बारीक दाँतों के कंधे का प्रयोग उचित है। कभी भी बाल उलझने न दें। कंघी से सुलझायें। गीले बालों में कंघा नहीं करना चाहिए। अन्यथा टूटने और कमजोर होने का डर रहता है। दिनभर में कम से कम दो बार बाल अवश्य जड़ से संवारने चाहिए। बालों पर ब्रुश करने से बालों का व्यायाम भी हो जाता है।

बालों की जड़ों में कुदरती हेयर टॉनिक छिपा रहता है। बालों की जड़ में एकत्रित पौष्टिक तत्वों का भण्डार चिकनाई को सम्पूर्ण बालों तक पहुँचाने के लिए ब्रुश ही एकमात्र उचित उपकरण है। बुश करने से सिर की त्वचा की शिराओं में रक्त संचार बढ़ जाता है।

बालों की समस्याएँ एवं उपचार : स्वस्थ बालों के लिए बहुत समय या धन व्यय करने की कोई आवश्यकता नहीं है। कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखें और उन पर अमल करें।

1. रूसी ( पयास ) : बालों की बड़ी शत्रु है : रूसी रूसी एक निर्जीव त्वचा है जो बालों की जड़ों के पास जमा हो जाती है। यह बालों की जड़ों में हवा नहीं लगने देती जिसके कारण बालों की जड़ कमजोर हो जाती हैं। रूसी से पीड़ित रोगी का साबुन अथवा कंघा प्रयोग करने से भी आप रूसी का शिकार हो सकती हैं। रूसी दो प्रकार की होती है। शुष्क तथा चिकनी। शुष्क रूसी होने पर सिर में अत्यधिक खाज आती है जबकि चिकनी रूसी जड़ों में चिपकी रहती है।

रूसी दूर करने के उपचार : रूसी को बालों में खुश्की का पर्याय मानकर तेल का अधिक उपयोग न करें , क्योंकि वही रूसी को बढ़ाता है । सर्वप्रथम बालों की सफाई की ओर ध्यान दें । दिन भर में कम-से-कम दो तीन बार बालों को संवारे सप्ताह में दो बार पोषण देनेवाले शैम्पू से सिर को धोयें । रूसी से बचने के लिए अपना कंघा व तौलिया अलग रखें । सन्तुलित आहार लें । तनाव ग्रस्त न रहें । रात को सोते समय बालों में प्रेगमेटर आइंटमेट लगाना लाभप्रद होता है । रूसी के उपचार के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण घरेलू उपाय निम्नलिखित हैं :

1. अण्डे की सफेदी में नींबू का रस मिलाकर सिर पर लगभग एक घंटा लगायें तत्पश्चात् धो लें।

2. बादाम रोगन से जड़ों में उँगलियों के पोरों से धीरे-धीरे मालिश कर बालों को भाप स्नान करायें। भाप के लिए खौलते पानी में तौलिया भिगोकर निचोड़ें और सिर पर बाँध लें। तौलिया ठण्डा होने पर इस क्रिया को तीन-चार बार दोहरायें। भाप लगने से सिर की त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं और तेल बालों की जड़ों में पच जाता है।

3. एक भाग बादाम रोगन में समान मात्रा में शुद्ध सल्फर मिलाकर दोनों की मात्रा में बराबर सर्जिकल स्पिरिट मिलायें। फिर इसमें चार भाग डिस्टिल्ड वॉटर अथवा गुलाब जल मिलाकर सिर की त्वचा पर अच्छी तरह लगायें।

4. तीन भाग जैतून का तेल व एक भाग शहद को मिलाकर सिर व बालों की जड़ों में लगायें । फिर सिर पर गर्म पानी में भीगा तौलिया लपेटें तत्पश्चात् अच्छे शैम्पू से धो लें।

5. छह चम्मच पानी में दो चम्मच शुद्ध सिरका मिलाकर रात को सोने से पूर्व जड़ों पर रूई की सहायता से लगायें। बिस्तर पर धब्बे न लगे अतः सिर पर तौलिया अथवा पुराना कपड़ा बाँध लें । शैम्पू से बाल धोने के पश्चात् एक बार फिर बाल सिरके मिले पानी से धोयें। यह क्रिया सप्ताह में एक बार निरन्तर लगभग तीन महीने तक दोहरानी चाहिए।

6. प्रातः स्नान करने से पूर्व एक चम्मच नींबू रस में दो चम्मच सिरका मिलाकर सिर की त्वचा में मालिश करें , तत्पश्चात् अण्डे युक्त शैम्पू से सिर धो लें।

7. रात में जैतून का तेल को गर्म कर सिर की त्वचा में लगायें, प्रात : सिर धोने से एक घण्टा पूर्व नींबू का रस लगायें , थोड़ी देर बाद सिर धो लें। इन सुझावों में से यदि आप एक को भी अपना लें हमें पूरा विश्वास है आपको रूसी की समस्या से छुटकारा अवश्य मिल जायेगा।

8. मेथी के बीज को भिगोकर एवं पीसकर बालों पर लगाने से रूसी दूर हो जाती है।

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