Pimples: कील-मुँहासे का उपचार के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण हर्बल टिप्स

kil muhase ka gharelu ilaj

1. 15-15 नीम व तुलसी की पत्तियाँ पीसकर उसमें 1 + 8 भाग बेसन और गुलाब जल मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को सम्पूर्ण चेहरे पर आधा घंटा लगा रहने दें और फिर साफ पानी से चेहरा धो दें। इस लेप का हो लगातार प्रयोग करते रहने से कील-मुँहासे इत्यादि त्वचा के रोग दूर जाते हैं।

2. कील-मुँहासे से बचाव के लिए भोजन में विटामिन सी की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। कब्ज होने के कारण भी कील-मुँहासे अधिक होते हैं। इसे दूर करने के लिए फलों का अधिक सेवन करें तथा पानी प्रचुर मात्र में पियें। चेहरे पर उपरोक्त उबटनों व उपायों का प्रयोग करने पर चेहरा कान्तिमय हो जायेगा। इस त्वचा के मालिकों को एक चिन्ता जल्दी नहीं सताती वह यह कि चेहरे पर झाइयाँ व झुर्रियाँ जल्दी नहीं पड़ेगी।

इस मायने में यह फायदेमन्द साबित होती है ऐसी त्वचा वालों को 30 वर्ष तक उम्र में फेशियल करवाना आरम्भ करना चाहिए। चेहरे पर कुछ भी लगाने से पूर्व में अवश्य देख लें कि वह त्वचा को सूट करता हो। अन्यथा इसका उल्टा असर भी हो सकता है।

मिश्रित त्वचा का परिचय : सबसे अन्त में बारी आती है ' मिश्रित त्वचा ' की। जैसा कि इसके नाम से ही प्रदर्शित हो रहा है, ऐसी त्वचा जिसमें सभी तरह की त्वचाओं का मिश्रण हो। इसीलिए इस त्वचा को मिश्रित त्वचा कहते हैं। इसकी त्वचा की देखभाल में काफी मुश्किल होती हैं। इस त्वचा में शुष्क व तैलीय त्वचा का मिश्रण होता है। माथे व नाक की त्वचा तैलीय तथा गाल व ठोड़ी की त्वचा रूखी होती है। ऐसी त्वचा बहुत ज्यादा देखभाल माँगती है। जरा सी लापरवाही करने पर चेहरा खराब होने लगता है। माथे व नाक की त्वचा तैलीय होने से तेल की अधिकता के कारण  गन्दगी के प्रति संवेदनशील होती है। दाने कील-मुँहासे तथा ब्लेक हेडस वे वाइट हेडस जल्दी इन पर आक्रमण करते हैं।

गाल तथा चेहरे का बाकी हिस्सा रूखी त्वचा द्वारा निर्मित होने के कारण धूप के प्रति संवेदनशील होता है और त्वचा जल्दी झुलस जाती है तथा झाइयाँ भी जल्दी पड़ती हैं। ऐसी त्वचा वालों को पानी काफी पीना चाहिए। चेहरे को कई बार धोने के बाद गाल तथा चेहरे के बाकी हिस्से पर मॉइस्चराइज़र युक्त क्रीम लगानी चाहिए। इससे चेहरे पर गन्दगी नहीं रूकने पाती और दानों को नहीं होने देती। चेहरे से फालतू तेल की मात्रा भी हटती रहती है। इसके अतिरिक्त नमीयुक्त क्रीम का सेवन करने चेहरे का बाकी हिस्सा भी कान्तियुक्त रहता है।

ऐसी त्वचा के होने पर ऐसे लेपों तथा उबटनों का इस्तेमाल करना चाहिए जो कि दोनों त्वचा के लिए उपयुक्त हों। कभी-कभी ऐसे लेपों का भी प्रयोग करना चाहिए जो सिर्फ त्वचा के लिए हों वे सिर्फ रूखी त्वचा के लिए हों। ऐसे लेपों को त्वचा के अनुरूप अलग-अलग लगायें व धो दें। जैसे तैलीय त्वचा वाले हिस्से पर तैलीय त्वचा के अनुरूप लेप रूखी त्वचा वाले हिस्से पर रूखी त्वचा के अनुरूप लेप लगायें व कुछ देर बाद धो दें।

नीचे दिये हुए लेपों का प्रयोग करें परन्तु ये भी ध्यान रखें कि प्रयोग में जा रहा पदार्थ आपकी त्वचा को सूट करता हो। चेहरे पर लेप लगाते समय गले का भी ध्यान रखना चाहिए। अन्यथा पैबन्द की मानिंद लगेगी।

1. एक चाय का चम्मच मुल्तानी मिट्टी बारीक छनी हुई, आधा चम्मच चन्दन पाउडर इनको गुलाब जल में मिलाकर गाढ़ा लेप बनायें व चेहरे तथा गले की त्वचा पर लगायें। 10-15 मिनट बाद ठण्डे पानी से धो दें व हल्के हाथ से मुलायम कपड़े से पोंछे।

2 . 2 चम्मच केवलिन पाउडर या 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी, एक चम्मच चन्दन पाउडर व 2 बी काम्पलेक्स गोलियों को पानी से मिलाकर चेहरे व गले पर लगायें व कुछ देर बाद धो दें।

3 . खीरा पानी, पिपरमिंटबर्फ का चूरा चेहरे पर लगायें व 2-3 मिनट बाद धो दें। चेहरे पर ताजगी आ जायेगी।

4 . चेहरे साफ करने के लिए चने की दाल दूध में भिगोयें व पिसी चिरौंजी मिलाकर पीस लें, चेहरे पर लगायें व हल्के हाथ से रगड़कर निकालें।

5. कच्चे दूध में गुलाब की पत्तियाँ 10-15 मिनट भिगोयें व पीस लें। इस लेप को पलक होंठ व चेहरे पर लगायें व कुछ देर बाद ठण्डे पानी से घो दें।

6. 3 ताजे गुलाब, 3 चम्मच गुलाब जल, एक चम्मच दूध, एक चम्मच चन्दन पाउडर, एक चम्मच पिसा बादाम, आधा चम्मच शहद मिलाकर लेप बनायें व लगायें तथा कुछ समय पश्चात् धो दें।

7. सन्तरे के छिलकों को छाया में सुखाकर पीस लें तथा कच्चे दूध में मिलाकर उबटन की तरह चेहरे पर लगायें। इससे चेहरे पर निखार चमक तथा सुगन्ध सभी का आगमन साथ-साथ होता है। उपरोक्त लेपों व उबटनों के अतिरिक्त आप तैलीय तथा रूखी त्वचा के लिए बताये गये उबटन व लेपों का प्रयोग भी कर सकते।

त्वचा की कोमलता व सिता बनाये रखने के लिए कुछ प्रभाशी उपाय निम्नलिखित हैं-

1. अधिक गर्म पानी से व बार-बार साबुन से चेहरा धोने से बचना च क्योंकि गर्म पानी तथा साबुन का केमिकल त्वचा को प्राकृति चिकनाई को समाप्त करके, रूखापन लाता है और यही रूखापन का जन्मदाता है। आवश्यकता पड़ने पर गुनगुना पानी ही प्रयोग में अथवा ताजा पानी प्रयोग करें।

2. रात को सोते समय हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धोकर, मुलायम लि से पौंछकर क्रीम लगाने से रातभर त्वचा को आराम मिलता है। सुबह त्वचा साफ व स्वस्थ प्रतीत होती है।

3. सुबह कच्चा दूध व शहद मिलाकर चेहरे व गर्दन पर लगाने को अतिरिक्त पोषण मिलता है।

4. अधिक तेज धूप से त्वचा को बचायें। यदि धूप में निकलना पड़े चश्मे और छाते का प्रयोग करें। आँखों के चारों तरफ के काले त्वचा के सौन्दर्य को क्षति पहुँचाते हैं। ये अक्सर तेज धूप, नींद न होने अथवा कैल्शियम की कमी से हो जाते हैं। यदि मानसिक शारीरिक स्वास्थ्य का सर्तकता से ख्याल रखा जाए तो त्वचा स्वस्थ रहेगी व उम्र से आप कम लगेंगी।

5. दिनभर में कम-से-कम आठ-दस गिलास पानी पीने से गुर्दों की सफा होती है व त्वचा भी नम बनी रहती है।

6. मालिश करना त्वचा के लिए वस्तुतः वरदान है। इसके फलस्वरूप मैल की परते हटती हैं व रोमकूप साफ होते हैं, रक्त संचार बढ़ता है। तथा त्वचा के नीचे की तैल ग्रन्थियाँ भी सक्रिय होती हैं। सप्ताह में एक बार जैतून या बादाम के तेल की चेहरे पर मालिश करें इसके बाद गर्म तौलिये से भाप दें। त्वचा के बन्द रोम छिद्र खुल जायेंगे।

7. सप्ताह में एक बार जैतून बा बादाम के तेल की चेहरे पर मालिश करें, इसके बाद गर्म तैलीय से भाप दें। त्वचा के बन्द रोम छिद्र खुल जायेंगे।

8. शहद, दही और दूध के सेवन से त्वचा की स्निग्धता एवं चमक को बढ़ाने में अत्यन्त उपयोगी है।

याद रखें कि अपनी त्वचा की भली भाँति देखभाल करना आपका कर्त्तव्य है। त्वचा भगवान की अनमोल देन है। जिस प्रकार आप पेट भरने के लिए खाना खाते हैं उसी प्रकार त्वचा की पौष्टिकता भी आवश्यक है। ये आपका फर्ज है कि आप सुन्दर दिखें। भगवान की बनाई हुई इस खबसूरत दुनिया की खूबसूरती में और बढ़ोत्तरी करें।

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