Facial Tips: चेहरे को आकर्षक बनाने का अचूक घरेलू उपाये

facial

प्राकृतिक सौन्दर्य हर नारी के लिए वरदान है जिसे आधुनिकता की होड़ में स्त्रियाँ अपनी ही भूल से खो बैठती हैं। युवावस्था की दहलीज पर कदम रखते ही युवतियां जिस वस्तु की ओर सर्वाधिक आकर्षित होती हैं वह है सौन्दर्य प्रसाधन। जिसके विषय में सही जानकारी न होने के कारण वे अपने प्राकृतिक सौन्दर्य को गवाँ बैठती है। चेहरे पर शृंगार की अधिक लिपापोती करने से प्राकृतिक सौन्दर्य जाता रहता है। त्वचा के रोम छिद्रों में शृंगार प्रसाधनों के कणों के प्रवेश कर जाने से रोमछिद्र बन्द हो जाते हैं। इस कारण त्वचा ठीक प्रकार से श्वास नहीं ले पाती।

फलस्वरूप अन्दर की कार्बनडाई ऑक्साइड बाहर और ताजा ऑक्सीजन शरीर के अन्दर प्रविष्ट नहीं हो पाती। परिणामस्वरूप चेहरा आकर्षण हीन हो जाता है। अतः फेशियल चेहरे की कान्ति को बरकरार रखने का सर्वोत्तम उपाय है। पन्द्रह दिन बाद अथवा सप्ताह में एक बार फेशियल कर लेने से चेहरे की त्वचा में ताजगी का अनुभव होता है और चेहरा कान्तिमय हो जाता है। फेशियल करने से पूर्व चेहरे की त्वचा की सफाई की जाती है। बाद में मालिश व फिर फेसपैक का प्रयोग किया जाता है।

सफाई : चेहरे पर फेशियल करने से पूर्व चेहरे की त्वचा को क्लीजिंग क्रीम अथवा क्लीजिंग मिल्क द्वारा साफ व स्वच्छ कर लिया जाता है। स्त्री हो या पुरुष सभी के शरीर का मुख्य आकर्षण चेहरा होता है। चेहरा अगर सुन्दर हो तो अन्य अंगों के दोष दृष्टि से ओझल कर दिये जाते हैं।

गर्दन के ऊपर तक सम्पूर्ण भाग चेहरे के अन्तर्गत आता है जैसे गर्द ठोड़ी, कपोल, कान, आँख, नाक, सिर तथा सिर के बाल सहित सब चेहरे के विभिन्न अंग हैं। चेहरे की त्वचा अधिक पतली पर्त वाली होती है। चेहरे की त्वचा सुन्दर हो तो समझिये कि चेहरे का आधा भाग या सौन्दर्य अपने आप में सुरक्षित हैं।

मालिश के लिए क्रीम का चुनाव : प्रत्येक स्त्री या पुरुष की त्वच एक जैसी नहीं होती। त्वचा का रंग तो अलग-अलग होता ही है, साथ ही स्वयं वह अधिक चिकनी, रूखी, मिश्रित आदि विभिन्न श्रेणियों की भी होती है। विभिन्न प्रकार की क्रीम बाजार में उपलब्ध है। फिर भी अपने चेहरे के लिए अच्छी कम्पनी की क्रीम प्रयोग में लानी चाहिए। क्रीम का चुनाव करते समय अपनी त्वचा को ध्यान में रखना चाहिए।

फेशियल के लिए यदि आपकी त्वचा तैलीय है तो विटामिन युक्त क्रीम से और यदि बहुत अधिक तैलीय है तो टैलकम पाउडर से मालिश करे। यदि त्वचा शुष्क है तो कोल्ड क्रीम की या वैनिशिंग क्रीम की मालिश करने से चेहरे की त्वचा के सौन्दर्य में वृद्धि होगी। साथ-साथ रक्त संचार में भी सुधार आता है। जो त्वचा के रंग को सुधारने में सहायक होता है।

फेशियल विधि : अपने चेहरे की त्वचा के अनुरूप क्रीम हाथों में लेकर हल्के हाथों से दवाब डालते हुए मालिश आरम्भ करें। मालिश हमेशा अन्दर से बाहर की ओर एवं नीचे के ऊपर की ओर करनी चाहिए। ( नोट-मालिश की सम्पूर्ण प्रक्रिया अगले चैप्टर में दी गई हैं ) आँखों के आस-पास की त्वचा अत्यन्त नाजुक होती हैं। अतः यहाँ दबाव डाले बिना क्रीम लगायें। मालिश कम-से-कम दस-पन्द्रह मिनट तक की जानी चाहिए। इतने समय में क्रीम त्वचा में रिस जायेगी। फालतू क्रीम को रूई से पौंछ दें।

स्टीम ( भाप ) लेना : मालिश के पश्चात् नम्बर आता है भाप लेने का। यह आयु के अनुसार ली जाती है। 25 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को दो या तीन मिनट तक भाप लेनी चाहिए। इससे अधिक आयु ( 25 से 35 वर्ष ) की महिलाओं को पांच मिनट तक भाप लेनी चाहिए और 35 से अधिक आयु की महिलाओं को सात-आठ मिनट तक भाप लेनी चाहिए।

भाल लेने से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं और त्वचा को फेस पैक का पूरा लाभ मिलता है। भापविधि : भाप के लिए एक चौड़े मुँह के बर्तन में खौलता हुआ पानी डालें और एक बड़े मुलायम तौलिए से चेहरा व बर्तन ढक लें। आप चाहें तो भाप लेने वाले पानी से पिपरमिन्ट, पोदीना, गुलाब या गेंदे की पत्तियाँ डाल सकते हैं। भाप लेने के पश्चात तौलिए से चेहरे को थपथपाते हुए सुखा लें।

कम आयु की महिला या लड़कियाँ जिनके ब्लैक हैडस् हो वो भी हल्की-सी मालिश करके भाप ले सकती हैं क्योंकि भाप लेने से ब्लैकहैडस् कुछ बाहर की ओर आ जाते हैं और उन्हें ब्लैक हैडर द्वारा निकाल दिया जाता है। भाप लेने से अधिक उम्र की महिलाओं की झुर्रियाँ तो कम होती ही है साथ ही साथ रक्त संचार भी ठीक रहता है।

फेस पैक लगाने की विधि : भाप द्वारा चेहरा भलीभाँति साफ कर लेने के पश्चात् यदि चेहरे पर ब्लैक हैडस हो तो ब्लैक हैडर द्वारा उन्हें निकाल लेना चाहिए। फिर फेसपैक लगाना चाहिए। फेसपैक आप घर में ही तैयार कर सकती हैं। अपनी त्वचा के अनुरूप फेसपैक प्रयोग में लाये ( पीछे घरेलू फेसपैक का विवरण दिया जा चुका है )। यदि आप बाजार निर्मित फेसफैक प्रयोग में ला रही हैं तो उस पर लिखे निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसी के अनुसार घोल बनाकर चेहरे पर लगायें। आँखों पर गुलाब जल से भीगे फाहे अथवा खीरे के गोल पीस काटकर रख लें, और आराम से लेट जायें। लेप लगाने के बाद हँसना व बोलना नहीं चाहिए।

क्योंकि हँसने व बोलने से त्वचा हिलती है और झुर्रियाँ पड़ने का डर रहता है। यदि सम्भव हो तो पैरों को किसी ऊँचे स्थान पर रखें। फेसपैक कितनी देर लगा रहे यह आपकी त्वचा व उससे बढ़कर फेसफैक पर निर्भर करता है। मुख्य तौर पर यह अवधि दस से बीस मिनट तक होती है। मुख्य बात यह है कि लेप सूख जाना चाहिए। फेसपैक सूख जाने के बाद गुनगुने पानी चेहरा धो लेना चाहिए या स्पंज द्वारा साफ कर लना चाहिए। चेहरा धोने के बाद तौलिये से हल्के हाथ से थपथपाकर चेहरा पौंछे। फिर स्किन टॉनिक को पूरे चेहरे पर फाहे द्वारा लगाना चाहिए। इसके बाद कोल्ड क्रीम से हल्की सी मालिश करनी चाहिए। अथवा मॉइश्चराइजर लगा लें।

कुछ घरेलू फेसपैक : बाजार में उपलब्ध महँगे सौन्दर्य प्रसाधनों की अपेक्षा घरेलू फेसपैक चेहरे के सौन्दर्य को निखारने के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होते हैं। अब तो विदेशी महिलायें भी सौन्दर्य के लिए हर्बल थिरेपी ( घरेलू प्रसाधनों द्वारा सौन्दर्य उपचार ) एवं प्राकृतिक साधनों पर विश्वास करने लगी है। सौन्दर्य के इन तत्वों का शरीर की त्वचा पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता बल्कि के सौन्दर्य वृद्धि में सहायक तथा कीटाणुनाशक होते हैं। बाजार में बिकने वाले महँगे प्रसाधन में मिले रसायन चाहे पलभर के लिए आपका सौन्दर्य बढ़ा दे लेकिन इनके दुष्परिणामों को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। खतरनाक प्रभाव छोड़ने वाले यह रसायन आपको असमय ही बुढ़ापे की ओर धकेल देते हैं। त्वचा को प्राकृतिक तेल और नमी प्रदान करने के लिए इन घरेलू तत्वों का महत्त्वपूर्ण स्थान।

हमारे रसोईघरों में मौजूद बहुत ही चीजें सौन्दर्य प्रसाधन के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होती हैं। त्वचा के लिए उपयोगी कुछ घरेलू फेसपैक तैयार करने की विधियाँ निम्नलिखित हैं-

1. अण्डे का पैक : एक अण्डे की जर्दी को फेंटकर उसमें दो चम्मच गुलाब जल और एक चम्मच शहद मिलाकर रख लेना चाहिए। इस लेप को चेहरे पर सप्ताह में एक बार लगाना चाहिए। शीत ऋतु में यह विशेष लाभदायक है। चेहरे की झुर्रियाँ समाप्त करने के लिए एक अण्डे की सफेर्दी में तीन चम्मच जौ का आटा, और एक चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर लगाना चाहिए। शुष्क त्वचा के लिए एक अण्डे की जर्दी में दो चम्मच सन्तरे का रस, आधा चम्मच नींबू का रस और कुछ बूँदे बादाम का तेल मिलाकर फेंट लेना चाहिए। फिर इसे चेहरे पर आधा घण्टा लगा रहने दें।

2. सोयाबीन या मसूर की दाल का पैक : पचास ग्राम सोयाबीन या मसूर की दाल को रात में भिगों दें। प्रात : काल छिलका उतारकर बारीक पीस लें। इसके बाद उसमें थोड़ा कच्चा दूध और थोड़ा सा बादाम रोगन मिला लें। इस पैक को लगाने से त्वचा की खुश्की दूर हो जाती है।

3. बेसन का पैक : बेसन का पैक तैयार करने के लिए एक चम्मच बेसन में चुटकी भर हल्दी, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच जैतून का तेल मिला दें। इसे चेहरे पे लगाने से चेहरे की त्वचा चमकने लगती है।

4. मुल्तानी मिट्टी का पैक : एक छोटा चम्मच बारीक पिसी हुई मुल्तानी मिट्टी में एक छोटा चम्मच गुलाब जल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लेना चाहिए। चेहरे के चिकने भाग पर इसकी गाढ़ी परत चढ़ायें और शुष्क भाग पर पतली परत लगायें । दस-पन्द्रह मिनट के बाद चेहरे को ताजे पानी से धो डालें।

5. उड़द की दाल का पैक : चेहरे की झाइयाँ दूर करने के लिए इसका प्रयोग करते हैं। विधि-सूखी उड़द की दाल का सौ ग्राम पाउडर, थोड़ा सा गुलाब जल, ग्लिसरीन और बादाम रोगन। इन सबको फेंट लें।

6. चन्दन का पैक : चन्दन को घिसकर उसमें गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा को ठण्डक पहुँचती है। यदि चेहरे की त्वचा अधिक चिकनी है तो चन्दन में थोड़ी सी गन्धक की मात्रा मिला लें।

7. पोदीने का पैक : हरे पोदीने की पत्तियाँ पानी में पीसकर चेहरे पर इसका लेप करने से त्वचा की गरमी दूर होती है।

8. दही का पैक : दो चम्मच दही लेकर इसमें एक चम्मच बेसन मिलाकर फेंट लें। इसे आधा घण्टे के लिए चेहरे पर लगा रहने दें। ऐसा करने से लू लगने पर त्वचा को आराम मिलता है।

9. मक्खन का लेप : लू लगने से यदि चेहरे की त्वचा शुष्क हो गई हो तो मक्खन को पानी के साथ फेंट कर लगाने से आराम मिलता है।

10. खीरे का पेक : खीरे को छीलकर बारीक पीस लें, फिर इसमें खीरे का पैक थोड़ा-सा कच्चा दूध मिला लें। इस पैक को चेहरे पर लगाने से त्वचा मुलायम रहती हैं।

11. उड़द की दाल का पैक : उड़द की दाल के पाउडर में थोड़ा-सा गुलाब जल, ग्लिसरीन तथा बादाम रोगन मिला लें। शुष्क त्वचा पर इस लेप का प्रयोग करने से त्वचा कान्तियुक्त हो जाती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ