Eyes Exercises: आँखों को स्वस्थ व सुन्दर रखने के लिए आयुर्वेदिक काजल और व्यायाम

eyes exercise in hindi

आँखों का शृंगार : आइलाइनर यह तरल होता है इसे पलकों पर बरौनियों के साथ-साथ प्रयोग करते हैं। आइलाइनर ब्रुश द्वारा हल्की रेखा के रूप में लगाया जाता है। इसके प्रयोग से आँखों छोटी होने पर भी बड़ी दिखाई देती हैं। आँखों के शृंगार में सर्वप्रथम आइशैड़ो, फिर आइलाइनर और अन्त में मस्कारा प्रयोग किया जाता है।

आइशैड़ो से सज्जा : आईशैड़ो न केवल आँखों के रंग को प्रभावित करता है अपितु स्वाभाविकता और अभिव्यक्ति को नया आयाम देता है। आइशैड़ो का मेकअप जितना हल्का होगा, उतना ही गहरा प्रभाव छोड़ेगा। आइशैड़ो द्वारा आँख की ऊपर की पलक के बालों की जड़ों को स्पर्श करती हुई एक रेखा खींचों और उसे बाहर के कोने की ओर जरा घुमा दें। आँखों को हाइलाइट करने हेतु गर्म भूरे और हल्के चमकदार शेड्स को दोनों के किनारे पर गहरे भूरे रंगों का शैड़ी बुश करें।

सफेद आशैड़ों ट्यूब रूप में भी उपलब्ध है और पाउडर रूप में भी। इसे लगाने से आँखों के नीचे के धब्बे नहीं दिखते, भौहों और पलकों के बीच सफेद आईशैड़ो ऊपर और बाहर की ओर लगाना चाहिए , नीचे की ओर नहीं। क्रीमी या तरल आईशैड़ो उँगली के पोरों की सहायता से लगाया जाता है। यह कई रंगों में मिलता है लेकिन आइशैड़ों का चुनाव वस्त्रों के अनुरूप करना चाहिए। काली आँखों पर कत्थई, हरा और मोव रंग का आईशैड़ा शोभा देता है।

आइशैड़ो यथा सम्भव शाम के समय लगाना उचित रहता है। दिन के समय यदि आप विवाह आदि किसी विशेष अवसर पर नेत्र शृंगार करना चाहती हैं तो बहुत लाइट आईशैडो लगायें। आँखें अधिक धँसी हुई हों तो उस स्थान पर केवल फाउण्डेशन क्रीम लगानी चाहिए। यदि आँखें उभरी उभरी हो तो ऊपर वाली पलकों पर भूरे रंग का आईशैड़ो लगाना चाहिए। इसे भौंहों तक भर दें इससे आँखों का उभार कम होता है।

मस्कारे का उपयोग : मस्कारे के प्रयोग से बरौनिया घनी प्रतीत होती हैं। छोटी पलकों को मस्कारा लगाकर भारी दिखाने की कोशिश की जा सकती है। यह काले, नीले, भूरे रंगों में मिलता है। इसे बरौनियों पर बुश से थोड़ा गीला करके पलकों की जड़ों से किनारे की ओर लगाया जाता। इसमें काला रंग अधिक प्रचलित है। शाम या रात के समय काले आइलाइनर व गहरे रंग के मस्कारे के साथ सफेद आइशैडो अच्छी लगती है। नीली, भूरी आँखों पर दिन के समय काला आइलाइनर व हल्का नीला मस्कारा लगाना चाहिए। जबकि शाम के समय नीला आइलाइनर नीला मस्कारा तथा नीला आइशैडो अधिक आकर्षक लगता है।

इस बात का विशेष ध्यान रखें कि रात्रि में सोने से पूर्व आँखों का शृंगार बेबी ऑयल द्वारा साफ अवश्य करना चाहिए। पहले आँखें बन्द कर लें फिर रूई पर बेबी ऑयल लगाकर आँखों के बाहरी छोर से नाक की ओर का शृंगार साफ करें। अब साफ रूई अथवा सूती कपड़े से नीचे वाली पलकों के निचली ओर से शृंगार साफ करें।

काजल : आँखों को स्वस्थ व सुन्दर रखने के लिए काजल का प्रयोग भारतीय सौन्दर्य प्रसाधन है। काजल आँख के निचले भाग पे लगाया जाता है। जब आइलाइनर काजल आँख लगायें तभी काजल लगायें। काजल लगाने से छोटी आँखें भी बड़ी लगती।

काजल बनाने की विधि : एक दीपक में शुद्ध घी, या सरसों का तेल भरकर जला दें। उस पर काँसे की कटोरी ढक दें ताकि सारा काजल कटोरी में जम जाये। अन्त में उस पर दो टिकिया कपूर का धुँआ भी दे लें। फिर थोड़ा-सा शुद्ध घी डाल, काजल एकत्र कर डिबिया में भरकर रखें। घर पर बना काजल अच्छा रहता।

आँखों का व्यायाम : दिन भर किसी न किसी कार्य में व्यस्त रहने के कारण आपकी आँखों को थकान का अनुभव होता होगा। इसी थकान को दूर कर उन्हें पुनः तरोताजा करने के लिए यहाँ कुछ आँखों के व्यायाम दिये गये हैं। जिन्हें नियमित रूप से करने पर आपकी आँखें स्वस्थ एवं सुन्दर लगेगी।

व्यायाम नं. 1: कलम को नाक की सीध में लगभग एक फुट की दूरी पर रखें। अब दोनों निगाहें कलम की नोक पर टिकायें। अब कलम को हाथ से धीरे-धीरे नाक के पास लायें, परन्तु निगाहें नोंक पर ही टिकाये रखें। एक बार और पुन : इस व्यायाम को दोहरायें। सुबह शाम। 2 से 15 बार ऐसा करें। इस क्रिया से आँखों की कमजोर माँसपेशियों को लाभ मिलता है।

व्यायाम नं . 2 : सर्वप्रथम पद्मासन की मुद्रा में बैठे। डेढ़ दो गज की दूरी पर आँख की सीध में मोमबत्ती अथवा दीपक जलायें। अपना सम्पूर्ण ध्यान सामने जली लौ पर लगायें। दृष्टि लौ पर तब तक टिकी रहे जब तक आँखों से अश्रु न बहने लगे। ध्यान किसी एक चीज पर लगाया जा सकता है जैसे- दिल की धड़कन, स्थान, कार्य, आकार, प्रकार । इससे अतिरिक्त : वृक्ष, पक्षी, फूल, समुद्र आदि के बारे में गहराई से विचार किया जा सकता है। आँखों को आराम पहुंचाने के लिए निम्न बेहतरीन क्रियाएँ हैं। इसे केवल एक ही बार करें।

1. बिना गर्दन घुमाये आँखों के क्रमश : दायें, ऊपर बायें और नीचे ले जाते हुए गोलाई में घुमायें।

2 . लगभग 3-4 फुट की दूरी पर एक दीवार पर दायें-बायें दो बिन्दू लें। बिना गर्दन घुमाये निरन्तर एक के बाद दूसरे बिन्दू को 10 बार देखें। फिर इसी प्रकार ऊपर व नीचे भी देखें।

3 . आँखों के गोलकों को ऊपर ले जाते हुए दोनों भौंहों के मध्य देखने का प्रयास करें। 2 सेकेण्ड रूकें, फिर धीरे-धीरे से पूर्व अवस्था में आकर आँखें बन्द करें। यह क्रिया 3-4 बार करें।

आँखों की मालिश : दिन भर कार्य करने के पश्चात् आँखों में थकान का अनुभव होता है ऐसे में सब काम छोड़कर आराम करने को दिल करता है। यह स्वाभाविक है, आप आराम तो करेंगी ही, पर मन में काम के प्रति चिंता भी रहेगी। इस चिन्ता से छुटकारा पाने के लिए कुछ ही मिनटों में आँखों को आराम पहुँचाने के कुछ ऐसे व्यायाम है जो बहुत आसानी से किये जा सकते हैं। एक समय में बहुत अधिक क्रियाएँ नहीं अपनानी चाहिए , क्योंकि उससे पलकों पर झुर्रियाँ पड़ने का डर रहता है। पलकों के ऊपर किसी बढ़िया किस्म की कोल्ड क्रीम या जैतून के तेल की मालिश करें।

1. पलकों पर क्रीम या जैतून का तेल लगाकर मध्यमा और अनामिका उँगलियों को सीधा लम्बाई में रखकर आँख के अन्दर की ओर के किनारे से उँगलियाँ हल्के हाथ से फिसलाते हुए किनारों पर लायें। ऐसा दस बार करें।

2 . भौहों की ऊपरी तरफ तर्जनी व भौंह की नीचे अंगूठा रखें । हल्के हाथो से भौहों को अन्दर के किनारे से हल्के हल्के दबाते हुए बाहरी किनार तक लायें।

3. आँखें बन्द करके अन्दर के कोनों को एक हाथ के अंगूठे व तर्जनी उँगली से धीरे से दवायें।

4 . गालों को दोनों हाथों की तर्जनी उँगलियों से दबायें । इससे आँखों को आराम मिलता है।

5 . आँखों को बन्द करके पलकों पर हथेलियाँ रखें और उँगलियों को माथे पर रखकर दबा डालें । इससे बहुत आराम मिलता है।

6 . आँखों के थक जाने पर 5-7 मिनट के लिए आँखें बन्द करें और श्वासन में लेट कर शरीर को ढीला छोड़ दें।

7 . प्रातः काल ताजी हवा में घास पर नंगे पाँव घूमें किसी पेड़, पत्ते या फूल को कुछ पल एकटक निहारें।

8 . पुतलियों को बायें से दायें , दायें से नीचे फिर बायें घुमायें। ऐसा पच्चीस बार करें। रूककर दायें से बायें दस बार घुमायें।

9 . कमरे में ऊपर की तरफ कुछ देर निहारें। बिना सिर घुमायें नीचे हाथ के पास की चीज को देखना शुरू कर दें । इसे 25 बार दोहरायें । इससे आँखों की थकावट दूर हो जायेगी।10. आँखों पर हथेलियों को रखकर अंधेरे में देखें।

11. आँखों को बन्द करके और खोलकर बारी-बारी 2 तक गिनें। ऐसा 20 बार करें।

12. ऊपर देखते हुए पलकें जल्दी-जल्दी झपकायें। फिर नीचे देखते हुए जल्दी-जल्दी पलकें झपकायें। ऐसा 25 बार करें।

13. पुतलियों को बायी तरफ घुमाते हुए ऊपर ले जायें फिर नीचे जमीन पर ले जायें। ऐसा 25 बार करें। ऐसा करने से पुतलियाँ गतिशील होकर दोबारा काम करने योग्य हो जाती हैं।

14. गुलाब जल या यूडी कोलोन में रूई की फाहें डुबोकर आँखों पर रखने से थकान में राहत मिलती है।

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