Chicken Pox and Pimples: कील-मुँहासों और चिकनपॅक्स की रोकथाम के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय और ईलाज

Kil muhase ka gharelu upay

कील मुंहासे : अक्सर युवावस्था की दहलीज पर कदम रखते ही युवतियों के चेहरे पर कील-मुँहासे निकल आते हैं जो कि एक आम एवं गम्भीर समस्या है। यदि चेहरे पर कील-मुँहासे निकल आये तो चेहरा सुन्दर होते हुए भी बदसूरत लगने लगता है।

तैलीय ग्रन्थियों के अधिक सक्रिय होने पर त्वचा पर चिकनाई के जमा होने पर चेहरे पर धूल-मिट्टी का जमाव होकर जीवाणुओं का संक्रमण बढ़ना आरम्भ हो जाता है और त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। रोमकूपों में फँसे धूल के कणों को कील ( ब्लैक हैड्स ) कहते हैं। कील मुँहासों की रोकथाम के लिए त्वचा की सफाई की ओर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

कील मुँहासों से बचाव के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय इस प्रकार हैं :

1. त्वचा पर धूल मिट्टी का जमाव न होने दे।

2. त्वचा को वातावरण के प्रदूषण से बचाना चाहिए।

3. दिन में दो बार चेहरा सल्फर युक्त साबुन से धोकर साफ करें, चेहरा पाकर पोछे। इससे त्वचा की तैल ग्रन्थियाँ साफ होती है।

4. कैम्फरटद्वारा चेहरे की चिकनाई उतारनी चाहिए।

5. ऐसत्वचा पर कम से कम शृंगार प्रसाधनों का प्रयोग करें। यदि करें भी तो सोने से पूर्व चेहरे का श्रृंगार अवश्य साफ करें अन्यथा शृंगार प्रसाधनों के कण त्वचा के रोम छिद्रों में भर जाते है और त्वचा स्वस्थ रूप से श्वास नहीं ले पाती।

6. पेट की खराबी से भी मुँहासे बढ़ते हैं। अतः कब्ज न होने दें। कब्ज दूर करने के लिए अधिक मात्रा में पानी पियें और फलों का सेवन करें।

7. अधिक चिकनाइयुक्त भोजन न करें। खाने में प्रोटीन, हरी सब्जियों, फलों एवं दालों का प्रयोग करें।

8. में एक बार चेहरे पर थाप लेने से त्वचा के रोमछिद्र साफ रहते हैं और मैल आदि गन्दगी बाहर आ जाती है।

9. मुँहासे होने पर भूलकर भी कभी उन्हें नाखूनों से छीलना नहीं चाहिए अन्यथा सेप्टिक होने का डर रहता है और चेहरे पर स्थायी दाग होने की आशंका रहती है।

10. मुँहासे से बचाव के लिए चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी का पैक लगाना चाहिए।

11. प्रातः एक चम्मच शहद में सल्फर के फूल मिलाकर लेने से मुँहासे ठीक होने लगते हैं।

12. 15-15 नीम व तुलसी की पत्तियाँ पीसकर इसमें 1 + 8 भाग बेसन और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनालें। इस पेस्ट को सम्पूर्ण चेहरे पर आधा घण्टा लगा रहने दें। और फिर साफ पानी से धो दें। लगातार इसका प्रयोग करते रहने से कील मुँहासे इत्यादि त्वचा के रोग दूर हो जाते हैं।

13. खीरे के रस में गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाने से दागदार त्वचा साफ होने लगती है।

14. लौंग व जायफल पीसकर मुँहासों पर लगायें 20 मिनट बाद धो दें। मुँहासे यदि हल्के हैं तो त्वचा को दिन में दो या तीन बार मैडिकेटेड साबुन से धो लें।

15. मुँहासों को रोकथाम में सबसे पहले रूसी यानि फ्यास का उपचार करना आश्वयक है, ताकि सिर की गन्दगी से त्वचा पर संक्रमण न बढ़े।

16. भोजन में विटामिन सी की मात्रा बढ़ा दे या विटामिन सी की गोलियाँ लें।

ब्लैक हैड्स : त्वचा की तैलीय ग्रन्थियों के अधिक स्त्राव के कारण त्वचा पर चिकनाहट व चिपचिपाहट अधिक हो जाती है। धूल मिट्टी का जमाव बढ़ जाता है। ग्रन्थियों के रोमछिद्र मोटे हो जाते चिकनाई एकत्र होकर सूखकर कड़ी हो जाती है। इनका ऊपरी हिस्सा बाहर की ओर होने के कारण काला हो जाता हैं। जो ब्लैक हैड्स हो चुके हैं नती उनका किसी सौन्दर्य विशेषज्ञ से उपचार करना चाहिए। ब्लैक हैड्स निकालने के लिए ब्लैक हैड्स एक्सट्रेक्टर का प्रयोग किया जाता है। प्रयोग में लाने से पूर्व हाइड्रोजन पराक्साइड में रखा जाना चाहिए।

उपचार :

1. कच्चे दूध में चोकर भिगोकर चेहरा मलकर धोयें, इसे साबुन के स्थान पर प्रयोग करें।

2. त्वचा को 15-20 मिनट तक भाप दें, भाप देने से ब्लैक हैड्स फूल जाते हैं तब उन्हें ब्लैक हैड्स एक्सट्रैक्टर की सहायता से निकाल देना चाहिए।

3. जौ के आटे को पानी में मिलाकर चेहरे पर मलें। ब्लैक हैड्स पर अधिक लगायें, तत्पश्चात् गुनगुने पानी से धो लें।

4. एक चम्मच शहद, दो चम्मच दूध मिलाकर लेप बनाकर चेहरे पर लगायें। सूखने के पश्चात् धो दें। ऐसा दिन में दो बार करें, आशातीत लाभ होगा।

5. चकले पर लौंग घिस लें। एक या दो बूंद ग्लिसरीन मिलाकर चेहरे पर लगाकर सूखने दें। तत्पश्चात् धो दें।

6. चोकर, एक अण्डे की सफेदी, नींबू का रस, एक चम्मच शहद, थोड़ा-सा दही मिलाकर फेंटें। इस पेस्ट को फ्रिज में ढककर रखें। चेहरे पर प्रतिदिन लगायें और सूखने पर धो दें। दिये गये उपरोक्त सुझावों को अपनाने से ब्लैक हैड्स की रोकथाम में सहायता मिलती है। इन्हें आजमाकर देखें। जो ठीक लगे उसी को लगातार करें।

एक्ने : यह मुँहासों का बिगाड़ा हुआ रूप हैं। खुजली होने के कारण अक्सर युवतियाँ मुँहासों को नाखूनों से छील देती हैं। जिसके कारण सेप्टिक होने से मुँहासों में मवाद भरा जाता है। मुँहासे सूख जाते हैं परन्तु इससे चेहरे पर ऐसे दाग हो जाते है जो जीवनभर मिट नहीं पाते। एक्ने होने पर चिकित्सक का परामर्श अवश्य लेना चाहिए क्योंकि यह एक प्रकार का त्वचा संक्रमण है। इसके होते ही संक्रामक बैक्टीरिया के कारण मुँहासों के नीचे पस पड़ जाती है जिसे पस-पिम्पल कहा जाता है। इनका उपचार मुँहासे विधि में बताये गये उपचार से हो जाता है।

चेहरे के दाग-धब्बे : प्रत्येक नारी चाहती है कि वह सुन्दर लगे। उसके चेहरे पर कोई दाग-धब्बा न हो क्योंकि ये दाग उसके व्यक्तित्व को दबा देते हैं। चेहरे पर दाग कई कारणों से हो जाते हैं जैसे कील मुँहासे, एक्ने जाते-जाते अपना निशान छोड़ जाते हैं। चेचक के बाद भी अक्सर चेहरे की त्वचा गड्ढेदार हो जाती है। जिसके कारण चेहरा भद्दा दिखाई देता है।

चेचक ( चिकनपॅक्स ) के दाग दूर करने के उपाय :

1. दो तोले कच्चे गोले को दो तोले केसर के साथ पानी में पीसकर लगाने से चेचक के दाग दूर हो जाते हैं।

2. लैनोनिन क्रीम लगाने से भी चेचक के दाग फीके पड़ जाते हैं। सप्ताह में तीन बार सोयाबीन का लेप चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट तक सूखने दें तत्पश्चात् गुनगुने पानी से चेहरा धो दें। यह लेप गहरे दागों को भरता है।

3. रात्रि में सोने से पूर्व डीप क्लीजिंग करके चेहरे पर नरैलिंग लगायें।

4. फेशियल क्रिया द्वारा भी दागों को हल्का किया जा सकता है।

5. दाग-धब्बों को दूर करने के लिए दही, ग्लिसरीन और टमाटर के का पैक लगायें।

तिल व मस्से दूर करने के उपाय: चेहरे के किसी स्थान पर या मस्से हो जाते हैं। कुछ जगह तो तिल अच्छे लगते हैं। अधिक जगह पर ये अच्छे नहीं लगते हैं।

1. दो कागजी बादाम की गिरी, तनिक-सी खस-खस और थोड़ी-सी गुलाब की पंखुड़ियाँ मिलाकर भलीभाँति पीस लें। यह लेप चेहरे और गर्दन पर आहिस्ता-आहिस्ता थोड़ी देर बाद पानी से धो इसका नियमित प्रयोग करने से आपकी तिल से छुटकारा मिल जायेगा।

2. साबुत धनिया पीसकर लगाने से तिल गायब हो जाते हैं।

3. चुकन्दर के पत्ते को शहद में पीसकर लगाते रहने से तिल या मस्से दूर हो जाते हैं।

4 . सिरके में सीप की राख मिलाकर मस्से पर लेप करने से मस्से दूर हा जाते हैं।

5. घोड़े की पूँछ का बाल बाँध देने से मस्सा गिर जाता है।

6. मस्सों को दूर करने के लिए होम्योपैथी औषधि-थूजा बड़ी कारगर सिद्ध होती है। थूजा 30 एक ड्राम गोली में लें। तीन-चार गोली का दिन में चार बार सेवन करें।

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