Beauty Tips: शादी से पहले दुल्हन के लिए सौन्दर्य प्रसाधन

shadi se pahle dulhan ke liye skin care tips

शादी का मामला जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होता है। यह अवसर ऐसा होता है, जो दो अपरिचित शरीर और आत्माएं एक होती हैं। ' फर्स्ट-एम्प्रेशन ' की बात यहां सबसे अधिक लागू होती है। ऐसा अवसर पर दुल्हन का मेकअप करने का हर जगह रिवाज है। दुल्हन चाहे गोरी हो, चाहे सांवली या काली उसे सजाने-संवारने और विदा करने का चलन हर जगह है। दुल्हन के मेकअप के लिए अब समर्थवान् लोगों द्वारा ब्यूटी पार्लरों से मेकअप करने वाली की सेवाएं ली जाने लगी हैं। पर कहा जाता है कि ऐसे लोगों की संख्या अंगुलियों पर गिनी जाने योग्य है।

वास्तविक आनन्द तो तब ही है जब दुल्हन का घर पर शृंगार हो-सखियों को जुटने, भाभियों को हँसी, ठिठोली, बहिनों को दिल की उमंग पूरी करने का अवसर मिलता है। रस्मो-रिवाज चलते हैं। हँसी-मजाक का माहौल होता है। दुल्हन के मेकअप के लिए तैयारी कई दिन पूर्व से चले आ रहे हैं कि जब दुल्हन माईके से विदा होकर ससुराल जाये तो वह अपनी सुन्दरता की छाप डाल सके। विवाह के दिन या विवाह के बाद भी केवल दुल्हन हीं सबसे आकर्षण का केन्द्र होती है।

प्राय : देखा-सुना गया है कि जल्दबाजी या त्वचा की सही जानकारी न होने के कारण किया गया मेकअप प्रसाधन एलर्जी पैदा कर देता है।

कपोलों पर छालें पड़ जाते हैं, दाग उभर आते हैं। ऐसे में कल्पना करें कि क्या दशा होती है? जरा-सी लापरवाही या असावधानीवश खूबसूरती के बजाय बदसूरती जन्म ले बैठती है। जलन-तकलीफ का अलग कष्ट।

इसके लिए सबसे अच्छा रास्ता यह है कि दुल्हन का वास्तविक शृंगार जिन-जिन सौन्दर्य प्रसाधनों से करना है, उन सबका कुछ-कुछ मात्रा में प्रयोग कम-से-कम सप्ताह भर पहले दुल्हन की त्वचा पर करके दखे लेना चाहिए। यदि किसी सौन्दर्य प्रसाधन से एलर्जी होती है तो उसका इस्तेमाल कदापि न करना चाहिए।

एलर्जी की व्याख्या करना काफी मुश्किल है। मैंने ऐसी लड़कियां भी देखी हैं, जो मेंहदी की पत्ती को हाथ भी लगा दें तो उनकी त्वचा पर दानें, छाले, फफोले पड़ जाते हैं। आप बताइए उनको मेहंदी कैसे लगाई जा सकती है? कुछ को कोई खास किस्म की क्रीम, पाऊडर और सुगन्ध एलर्जी पैदा करती है। उन पर ऐसे सौन्दर्य प्रसाधन का इस्तेमाल भला क्यों कर किया जा सकता है? किसे कौन-सी चीज माफिक है, कौन-सी नहीं, इसकी इस्तेमाल से पहले जानकारी हो पाना सम्भव नहीं, अतः एक सप्ताह पहले सौन्दर्य प्रसाधन के सभी सामानों का दुल्हन की त्वचा पर इस्तेमाल करके देखकर, तसल्ली कर ली जानी आवश्यक है।

विवाह से पूर्व की सभी की जाने वाली तैयारियों की तरह शारीरिक सौन्दर्य, त्वचा और बालों की देखभाल भी बहुत जरूरी है, ताकि उस समय सब कुछ ठीक प्रकार से व्यवस्थित रूप से हो और जल्दबाजी में कुछ भी गड़बड़ होने की सम्भावना न रहे। अतः इसका शुभारम्भ चेहरे की त्वचा की देखभाल, बालों की कण्डीशनिंग करके पैरों व शरीर की त्वचा की मालिश करवानी चाहिए। व इसके लिए विवाह से एक सप्ताह पूर्व निम्नलिखित तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

शादी से पहले सौन्दर्य प्रसाधन 

1. तिल या जैतून के तेल से शरीर पर मालिश करें।

2. कुहनियों को सुन्दर बनाने के लिए नींबू और चीनी से मलकर साफ करें।

3. चेहरे पर प्रतिदिन फेसपैक का प्रयोग करें।

4. रात को मालिश व सफाई करें। अगर त्वचा पर दाने व मुंहासे हैं तो त्वचा विशेषज्ञ के परामर्श से सौन्दर्य उपचार करें।

5. चेहरे व शरीर की ब्लीचिंग आदि भी दो दिन पूर्व कराकर देख लें।

6. प्रतिदिन स्नान के समय उबटन का प्रयोग करें।

7. जिनकी सफेद बालों की समस्या नहीं है, उन्हें विवाह से तीन-चार दिन पूर्व बालों में मेहंदी का प्रयोग करना चाहिए। मेहंदी का प्रयोग कभी भी विवाह वाले दिन या विवाह से एक दिन पूर्व न करें, अन्यथा बालों से गंध आयेगी और सूखी मेहंदी के कण बालों में सड़ते रहेंगे।

8. विवाह वाली दो दिन से पूर्व पोशाक खोलकर देख लें।

9 . अगर बाल एक-आध सफेद दिखाने लगे हों, तो विवाह से एक सप्ताह पूर्व से ही बालें में काली मेहंदी लगाकर चार घण्टे बाद धोएं। मेंहदी का लेप या दो दिन के अन्तराल से लगातार चार-पांच बार करें ताकि बालों की सफेदी बिल्कुल ही ढक जाये।

10 . विवाह के दिन पहनी जाने वाली साड़ी या पोशाक पर किरन-गोटा ठीक प्रकार से टंका है या नहीं, इसकी तसल्ली कर लें।

11. मैनीक्योर व पैडिक्योर मेहंदी रचाने से एक दिन पूर्व कर लेना चाहिए।

12. वैक्सीन को मेहंदी रचाने से पूर्व करायें। मेहंदी रचाने के बाद वैक्सीन कराने से मेहंदी हल्की हो जायेगी।

13. मेकअप विवाह के दो-तीन घण्टे पूर्व शुरू कर देना चाहिए ताकि अंतिम क्षणों में भागमभाग न मचे और जल्दबाजी व हड़बड़ाहट में मेकअप खराब न हो।

14. भवों को पलकें व थ्रेडिंग द्वारा शेफ भी दो दिन पूर्व ठीक करना सही रहता।

15. विवाह वाले दिन स्नान में इत्र का प्रयोग करना न भूलें व उसी को ही स्नान के बाद शरीर में लगाएं। उसी इत्र का प्रयोग करें जो आपको रुचिकर हो।

16. ब्लाऊज, कुर्ती व दूसरी पोशाक को पहले से नापकर तसल्ली कर लें कि नाप ठीक है या नहीं।

17. विवाह पर पहने जाने वाले सभी वस्त्र व अन्य सामग्री एक ही स्थान पर, हो सके तो किसी सूटकेस में एकत्र करके रखें।

18. पूरा मेकअप स्वाभाविक होना चाहिए, तभी आप स्वाभाविक लगेंगी।

19. दिन में हल्का व रात में गहरा मेकअप करें।

20. आभूषण एक डिब्बे में एक जगह रखें होने चाहिए, ताकि शृंगार के समय इधर-उधर भागदौड़ न करनी पड़े।

21. मेकअप के लिए अलग कमरा चुनें। भीड़ में मेकअप सही तरह से नहीं हो पायेगा। वहां सिर्फ वधू और मेकअप करने वाली सहेली, भाभी रहेंगी तो सुविधा होगी।

22. गर्मी के दिनों में मेकअप के कमरे में पर्याप्त हवा का इन्तजाम रखें, पंखें वगैरह लगे होने चाहिएं, नहीं तो कुछ देर में ही पसीने से धारियां बन जायेंगी और बारात आने तक वधू का चेहरा बेकार हो जायेगा।

23. कमरे में रोशनी काफी होनी चाहिए, तभी मेकअप की कमियां दिख सकेंगी।

24. यदि आपको मेकअप करना बहुत अच्छी तरह से नहीं आता तो स्वयं न करें, किसी सहेली से मदद ली जा सकती है या फिर सौन्दर्य विशेषज्ञा को बुलाएं।

25. वधू के मेकअप की तैयारी में चेहरे की फेशियल ( मालिश ) सबसे पहले दो दिन पूर्व करनी चाहिए।

26. अगर चेहरे पर रोम कुछ बड़े हैं तो उसे ब्लीचिंग से रंगहीन कर लें, नहीं तो मेकअप करने पर भी यह चेहरे पर भद्दे लगेंगे।

27. दो चम्मच ब्लीचिंग पाऊडर लेकर एस चम्मच हाइड्रोजन पैराक्साइड तीन चार बूंदे अमोनिया मिलाकर उसमें खुशबू के लिए थोड़ा टेलकम पाऊडर भी डाल लें।

28. सिर पर स्कार्फ बांधकर भवों, होठों और आँखों को छोड़कर इस मेकअप लेप का चेहरे पर ब्रुश से लेप करें। इस समय आँखों पर बर्फ से भीगे फाहे रख लेने चाहिएं, नहीं तो उनमें से पानी बहने लगेगा, पन्द्रह मिनट बाद पूरे चेहरे को धो डालें।

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