Oily Skin: त्वचा कितने प्रकार की होती है और इसके आयुर्वेदिक उपचार

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त्वचा कितने प्रकार की होती है

त्वचा सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री की जानकारी लेने के पश्चात् सौन्दर्य प्रसाधनों के प्रयोग से पूर्व अपनी त्वचा के बारे में जान लेना अत्यन्त आवश्यक है। यदि आपकी त्वचा सुन्दर, आकर्षक, स्निग्ध और कान्तिमय है तो यह आपका सौभाग्य है। इसे बनाये रखने के लिए आपको विशेष प्रयास की आवश्यकता है। सुन्दर एवम् आकर्षक दिखने के लिए अन्य बातों के साथ-साथ आपकी त्वचा व बाल काफी महत्त्वपूर्ण होते हैं। परन्तु आज इस प्रदूषण भरे माहौल में त्वचा तथा बालों का स्वस्थ रहना बहुत मुश्किल हो जाता है। किन्तु ये असम्भव नहीं। त्वचा व बालों की उचित देखभाल की जाये तो यौवन अधिक समय तक बना रहता है।

सर्वप्रथम हमें इनके बारे में आधारभूत बातें ज्ञात होनी चाहिए। पहले हम त्वचा के विषय में बात करते हैं। प्रत्येक व्यक्ति की त्वचा अलग-अलग किस्म की होती है। मुख्य रूप से त्वचा चार प्रकार की होती है-

( क ) सामान्य त्वचा
( ख ) रूखी त्वचा
( ग ) तैलीय त्वचा
( घ ) मिश्रित त्वचा
( क ) सामान्य त्वचा का परिचय : सामान्य त्वचा की पहचान, देखभाल और रख-रखाव का विस्तृत विवरण इस प्रकार है-

हमारी त्वचा में कुछ ऐसी ग्रन्थियाँ पायी जाती हैं जो तेल स्रावित करती हैं। इन्हें तैल ग्रन्थि कहते हैं। जब ये ग्रन्थियाँ अपना कार्य सुचारू रूप से करती हैं अर्थात् जब ये सामान्य मात्रा में तेल उत्पन्न करती हैं तो ऐसी त्वचा सामान्य त्वचा कहलाती है। ये तेल हमारी त्वचा की कई प्रकार से सुरक्षा करते हैं। सामान्य त्वचा की बहुत अधिक देखभाल नहीं करनी पड़ती। फिर भी यदि इसकी देखभाल की उपेक्षा की जाये तो अधिकाँश औरतें कम ही अधेड़ लगने लगती हैं।

आयु में ' सामान्य त्वचा कम स्त्रियों में पाई जाती है। ये त्वचा सबसे उत्तम किस्म की होती है। ये बच्चों की तरह की त्वचा होती है। इसमें चेहरे पर विशेष आकर्षण, ताजगी और लालिमा होती हैं। ऐसी त्वचा पर हल्का शृंगार करना चाहिए। शृंगार करने से पूर्व हल्के जल से त्वचा को साफ करें। यदि आपके नल का जल भारी है तो बोरेक्स पाउडर की थोड़ी-सी मात्रा डालकर उसे हल्का किया जाता है। सामान्य त्वचा का आकर्षण बनाये रखने के लिए आवश्यक है कि रात को सोने से पूर्व क्लीनजिंग क्रीम द्वारा चेहरे का मेकअप साफ किया जाए। सप्ताह में एक दिन शृंगार बिल्कुल न करें ताकि त्वचा स्वस्थ रूप से श्वास ले सके।

देखभाल : मौसम के अनुरूप आप इसकी देखभाल कर सकते है। ऐसी त्वचा की स्त्रियों को 25 वर्ष की उम्र के बाद ही फेशियल आदि करना चाहिए। नींबू वगैरह का कम प्रयोग करना चाहिए।

सामान्य त्वचा की स्त्रियों को निम्न उबटन या आयुर्वेदिक लेप लगाने चाहिए-

1. गुलाब की पत्ती को कच्चे दूध में भिगोकर पीस लें व चेहरे पर लेप लगायें। 5-10 मिनट बाद धो दें। चेहरा गुलाब की तरह मानिन्द खिल उठेगा।

2. चने की दाल दूध में भिगोएँ तथा साथ में पिसी चिरौंजी। सब मिलाकर पीसकर लगायें। हल्के हाथ से रगड़कर छुड़ायें। इससे चेहरे की गन्दगी भलीभाँति साफ हो जायेगी।

3. खीरे का रस, पिपरमिंट, बर्फ का चूरा मिलाकर चेहरे पर लगायें। 2-3 मिनट बाद धो दें। चेहरा खिल उठेगा।

4. कच्चे दूध सन्तरे के छिलके का पाउडर मिलाकर लगायें। चेहरे पर रौनक के साथ-साथ त्वचा की रंगत में निखार व महक भी आयेगी।

5. कटे हुए टमाटर का टुकड़ा या पपीते का गूदा खीरे का टुकड़ा चेहरे पर रगड़ें इसके फलस्वरूप रंग में निखार आता है।

6. एक खुरदरे रूमाल को गर्म पानी में भिगोकर उसमें थोड़ा नमक छिड़के। इस रूमाल को चेहरे पर ढककर दो मिनट बाद हटा दें। फिर चेहरे पर हल्के हाथ से गोल-गोल घुमाकर रगड़े। पाँच मिनट बाद ठण्डे जल से धो दें। त्वचा साफ हो जायेगी।

7. दिन में तीन बार शीतल जल से चेहरा धोइये।

यदि आप उपरोक्त में से किसी एक तरीके को भी अपनायेगी तो चेहरा निखरा निखरा नजर आयेगा। परन्तु ध्यान रहे यदि आपको उबटन में बताई गई कोई चीज सूट न करती हो या किसी चीज से एलर्जी हो तो आप उसका प्रयोग न करें। उबटन को या लेप को गले पर भी प्रयोग करें जिससे गले की त्वचा पैबन्द की तरह न लगे।

( ख ) रूखी या शुष्क त्वचा का परिचय : ऐसी त्वचा सबसे खराब मानी जाती है। ऐसी त्वचा पर प्रत्येक मौसम का असर जल्दी ही होता है रूखी त्वचा सर्दियों में कट फट जाती है और बरसात में हवा की नमी के हैं कारण लिजबिजी सी हो जाती है। धूप, हवा, पानी तीनों ही इसके दुश्मन अतः अच्छी तरह से शुष्क त्वचा की देखभाल न की जाये तो नवयौवना भी प्रौढ़ा जैसी लगने लगती हैं। परन्तु यह तो ईश्वर की देन है। त्वचा को बदला नहीं जा सकता परन्तु उचित देखभाल ही की जा सकती है।

देखभाल : शुष्क त्वचा पर साबुन का उपयोग न करें इसके स्थान पर बेसन का उपयोग करें तो अच्छा है। बार-बार पानी से धोने से त्वचा रूखी हो जायेगी। ऐसी त्वचा पर कोल्ड क्रीम का प्रयोग करना चाहिए।

एस्ट्रिजेंट लोशन बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए बल्कि माइश्चराइजर का उपयोग करना चाहिए शुष्क त्वचा के लिए घरेलू उबटन या लेप इस प्रकार हैं-

1. दो छुआरे, दूध या गुलाब जल या ठण्डे पानी में भिगोयें। फूल जाने पर छुआरों की गुठली निकालकर फेंक दें। और उसकी लुगदी को सिलबट्टे पर पीसकर एक चम्मच बादाम का तेल, एक चम्मच मलाई युक्त दूध या दही और गेहूँ या जौ का आटा इन सबको मिलाकर पेस्ट की तरह तैयार कर लें और इस लेप को चेहरे पे लगाकर सूखने दें। फिर गुनगुने पाkनी से चेहरा धो लें।

2. तरबूज, खरबूजा, कद्दू और खीरा इन चारों के बीजों की गिरी को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर दूध में पीस लें। फिर उसमें कुछ साफ मलाई फेंटकर चेहरे पर लेप करें। लेप को आधे घण्टे तक लगा रहने दें। बाद में साफ पानी से चेहरा धो लें। इस फेस पैक को फेशियलसे पहले, या फेशियल करने के बाद लगा सकते हैं। इसका प्रयोग करने से त्वचा में निखार और कोमलता आ जाती है।

3. शुद्ध घी, बेसन और दूध मिलाकर लगाने से त्वचा कोमल और चमकदार हो जायेगी।

4. कच्चा दूध, शहद और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाने से झाईंयाँ नहीं होंगी।

5. एक अण्डे के पीले भाग में थोड़ी मुल्तानी मिट्टी मिलाकर चेहरे पर लगायें। सुखने पर पानी से धो डालें।

6. एक चम्मच बादाम रोगन में 10 चम्मच ठंडा कच्चा दूध तथा थोड़ी-सी चीनी मिला लें तथा फेंटें रूई की सहायता से चेहरे पर लगाकर 15 मिनट बाद ताजे पानी डालें।

7. सर्दियों में शुष्क त्वचा हेतु मैदा में थोड़ा दूध मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर मले तत्पश्चात् मैल की बत्तियाँ उतर आयेंगी। परिणामस्वरूप त्वचा कोमल हो जायेगी।

8. सूखी त्वचा के लिए घर पर ही आयुर्वेदिक नॉरेशिंग क्रीम बनायें। एक भाग गुलाब जल और दो भाग ग्लिसरीन मिलाकर रख लें। सोते समय लगा लें। और सुबह धो डालें। त्वचा नर्म, मुलायम हो जायेगी।

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